Bank Ki Loot Hogi Kam Cyber Loot Hoga Jada ?

0
14
views

बैंक की लूट होगी कम साइबर लूट होगी ज्यादा, ये हैं कैशलेस इकॉनोमी के चैलेंज

by : hindimeseekhna.com dosto janiye bank me loot ka hoga kam and cyber me loot hoga jada ? Bank Ki Loot Hpgi kam Cyber Loot Hoga Yaha Hindi Me jane !
 Bank Ki Loot Hogi Kam Cyber Loot Hoga Jada

‘कैशलेस इकोनॉमी की तरफ बढ़ रहा है भारत’. ऐसा सुनने को मिला होगा, क्योंकि 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट बैन यानी डीमोनेटाइजेशन के बाद अब सरकार लोगों से कैशलेस होने को कह रही है. एटीएम के बाहर लंबी कतारें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं और एटीएम के यूज में लगातार इजाफा हो रहा है. ऐसे में अमेरिकी सिक्योरिटी फर्म फायर आई की साइबर अटैक जुड़ी यह रिपोर्ट देश के लिए गंभीर साबित हो सकती है.bank ki loot hogi kam, cyber loot hoga jada ? read more

 bank se paise ke kar bhaagne wala lutera
bank ko lootna abh aur huya secure.bank ko nahi loota jaa sakta .cyber me hoga loot
अमेरिकी साइबर सिक्योरिटी एजेंसी फायर आई ने ‘सिक्योरिटी लैंडस्केप एशिया पेसिफिक एडिशन 2017’ कि रिपोर्ट में कहा है, ‘APAC देशों में हमने एटीएम पर साइबर अटैक पर ज्यादा फोकस देखा है जिसमें भारत भी शामिल है. इन देशों के एटीएम को भेदना आसान है. इसके अलावा इन एटीएम में अभी भी पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम Windows XP यूज किए जाते हैं. इसलिए ये सॉफ्ट टार्गेट हैं.
ये हैं वो पांच वजहें जिनकी वजह से कैशलेस इकॉनोमी दूर की कौड़ी है
कैशलेस इकॉनोमी के फ्रॉड से निपटने के लिए नाकाफी है IT Act
साइबर सिक्योरिटी के जानकार और सुप्रीम कोर्ट के वकील नीरज अरोड़ा का मानना है कि भारत का आईटी ऐक्ट ऑनलाइन फ्रॉड से निपटने के लिए काफी नहीं है. उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को बताया है कि आईटी ऐक्ट की धारा 66,66A,66C और 66D जो फिशिंग, फर्जी ईमेल लिंक और फ्रॉड से निपटने के लिए है, लेकिन इसके तहत पुलिस दोषी को हिरासत में नहीं ले सकती है. इन सारे मालों में दोषी को बेल मिल जाती है.
डेटा प्रोटेक्शन के लिए भी कोई ठोस कानून नहीं है, इसलिए कस्टमर्स को इस बात का डर होना लाजमी है कि उसका डेटा कोई चुरा न ले. इसके अलावा न तो कोई प्राइवेसी कानून है जिससे कम से कम ई-ट्रांजैक्शन के दौरान कस्टमर्स इस बात को लेकर श्योर हो सकें की वो सुरक्षित हैं.

कमजोर साइबर सिक्योरिटी और रैंजमवेयर

kamjor cyber securty 

साइबर सिक्योरिटी के जानकारों का मानना है कि भारतीय कानून रैंजमवेयर के खतरों के लिए पर्याप्त नहीं है. मौजूदा दौर में रैंजमवेयर का खतरा भारत में तेजी से बढ़ रहा है जिसके तहत लोगों के कंप्यूटर्स को एन्क्रिप्ट करके उसे खोलने के लिए उनसे पैसे मांगे जाते हैं. सिक्योरिटी एजेंसियों की मानें तो भारत में ये खतरा दूसरे मुल्कों के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ रहा है, क्योंकि यहां इसके रोकथाम के लिए कुछ पुख्ता नहीं है. ऐसे मामलों में भी दोषी को बेल मिल जाती है.
बैंकों में लूट कम होगी और साइबर लूट ज्यादा होगी
कैशलेस इकॉनोमी के मामले में स्वीडन नंबर-1 है. यहां बैंकों में लूट कम हुई हैं. 2008 में 110 लूट हुई जबकि 2011 में सिर्फ 16. यह आंकड़ा 30 सालों में सबसे कम रहा. लेकिन इसका दूसरा पहलू यह रहा है कि यहां साइबर क्राइम्स में बढ़ोतरी आ गई. स्पीडिश नेशनल काउंसिल फॉर क्राइम प्रिवेंशन के मुताबिक साइबर बैंक फ्रॉड तेजी से बढ़े और 2011 में 20,000 पहुंच गए जबकि 2000 में सिर्फ 3,304 ही थे.
 स्वीडन ऐसा देश है जिसे ग्लोबल इनफॉर्मेंशन टेक्नॉलोजी में नंबर-1 माना जाता है. स्वीडन में इतने सिक्योरिटी मेजर्स के बाद भी जब साइबर लूट बढ़ सकती है तो भारत जैसे देश जो जहां अभी भी एटीएम में 15 साल पुराना ऑपरेटिंग सिस्टम यूज किया जा रहा है, इसका क्या होगा? जाहिर साइबर क्रिमिनल्स की तादाद बढ़ेगी और लोग इसके शिकार भी होंगे.
स्लो इंटरनेट स्पीड 
 
slow internet speed ko kaise fast karke cashless ko transaction kare
ज्यादातर कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए यूजर्स को अच्छी स्पीड वाले इंटरनेट की जरुरत होती है. लेकिन भारत में इंटरनेट की स्थिति काफी निराशजनक है. ऐसे में सेशन टाइम आउट, पेमेंट फेल्ड, इंटरनेट डिसकनेक्ट, नेटवर्क एरर और ओटीपी का समय पर न मिलना लोगों के दिनचर्या में शामिल हैं. ये छोटी प्रॉब्लम कही जा सकती हैं, लेकिन यह गंभीर हैं, क्योंकि कई बार इन वजहों से काम हर्ज होता है. इसके अलावा मौजूदा समय में यह भी देखा जा रहा है कि वक्त बे वक्त POS मशीन काम करना बंद कर देती हैं और ऐसे में आपके पास कैश न हो तो आप जरूरी सामान तक नहीं खरीद सकते.
 
 
cashlees transfer kaise kare ,
 
रोजमर्रा की इलेक्ट्रॉनिक समस्याएं 
कैशलेस ट्रांजैक्शन के लिए स्मार्टफोन, पर्सनल कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जरूरत होती है. लेकिन अगर आपका फोन अचानक बंद हो गया या बैटरी खत्म हो गई तो आप क्या करेंगे? नेटवर्क चला गया तो क्या करेंगे?
क्या हैं कैशलेस इकॉनोमी के चैलेंजेज
क्या हैं कैशलेस इकॉनोमी के चैलेंजेज
kya hai cashless inconomy ke challenge 
अगर आपके डिजिटल वॉलेट को किसी ने रिमोटली शट डाउन कर दिया तो क्या होगा?
बैंकिंग से जुड़ा आपका पर्सनल डेटा कहीं न कहीं सर्वर पर स्टोर होगा जहां से चुराना हैकर्स के लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है.
ये सब काफी बेसिक समस्याएं हैं, क्योंकि अगर विष्तार से बताया जाए तो ये तो बिना इंतजाम के कैशलेस इकॉनोमी के खतरे और भी भयावह लगेंगे. इन समस्याओं को बिना निपटाए और साइबर सिक्योरिटी को मजबूत किए बगैर कैशलेस इकॉनोमी बनाने की बातें करना थोड़ा अजीब है.
hindimeseekhna.com
bank ki loot huya kam .bank me chori hona huya kam,bank me chori bank me loot kyu nahi hoga aaj sabhi dosto ne jaan liya hai thank u dosto ish post ko sabhi dosto ke saath share kare and facebook page ko ager aapke abhi tak like nahi kiya hai to hindimeseekhna.com ka facebook page ko abhi like kare ,aur daily time to time kujh naa kujh seekhne ne liye visit karte rahiye ga
Previous articleAaj Ki Ladkiya Kya Chahti Hai Janiye Aaj Hi Hindi Me !
Next articleFacebook India Ke Revenue Me 43 Feesdi ke Dar Se Badhotri ?
Pyaare Dosto Mera Naam Inder Hai ! Mai punjab Se Belong Krta Hoon ! (Hindi Me Seekhna ) Website Maine Banayi Hai ! Aur Mai ish Website ke Jariye Mai Logo Ki Help Krta Hoon ! Mujhe Logo Ki Help Karna Accha Lagta hai ! Aap Ish Website Pe Daily Visit Kare Aur Yaha Pe Blogger Ki Puri Jaankari Aur Online Paisa Kaise Kamate Hai Puri Jaankari Diya Jata hai ! Ager Aap Bhi Online Paisa Kamana Chhate Hai To Hamare Sath Baat Kare ! Dosto Hamari ik Team Hai Jo Daily whatsapp ke jariye 100 se 1000 Kamati hai Aap Bhi Hamari Team join Kare ! Thnaks
SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here